
बालकोनगर के डीएवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाव और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की दी गई जानकारी.

कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित बचपन और लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा द्वारा बालकोनगर स्थित डीएवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर राष्ट्रीय स्तर पर संचालित **‘सुरक्षित बचपन अभियान’** के प्रथम चरण के तहत आयोजित किया गया, जो 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान की थीम **“जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार”** तथा संदेश **“हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी है”** रखा गया है।
कार्यक्रम में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा **सुश्री प्रिया सोनवार एवं सुश्री तृप्ति अग्रवाल** तथा विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संध्या सिंह उपस्थित रहीं। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की रोकथाम और ऐसे मामलों में जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
बच्चों को बताया—अनुचित व्यवहार पर चुप न रहें
शिविर में विद्यार्थियों को समझाया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने और भयमुक्त होकर शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार या शोषण होने पर चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर ही उनके लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है।
‘हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी’
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से सुरक्षित बचपन अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के तहत बच्चों को कानूनी संरक्षण, सुरक्षा और शोषण के विरुद्ध जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक बनाना रहा।



