
कोरबा / कटघोरा // ‘चोर मचाए शोर’ वाली कहावत रजकम्मा क्षेत्र में चरितार्थ होती नजर आ रही है। खाकी पर बेबुनियाद आरोप लगाकर खुद को ‘दूध का धुला’ बताने वाले अवैध शराब कारोबारियों का असली चेहरा आखिरकार बेनकाब हो ही गया। कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम रजकम्मा (आवासपारा) में आबकारी वृत दीपका की टीम ने घेराबंदी कर सैजल उर्फ पिंकी ध्रुव को 7.2 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
खाकी को बदनाम करने का षड्यंत्र बेनकाब!
यह वही परिवार है जिसके सदस्य आर्यन ध्रुव (आरोपी महिला का भाई) ने कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर कटघोरा थाने के दो कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए शराब बिक्री के आरोपों से साफ इनकार किया गया था। उस वक्त प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया था।
लेकिन, आबकारी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई ने अब यह साफ कर दिया है कि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप महज़ एक पैंतरा थे, ताकि निष्पक्ष कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल तोड़ा जा सके और अवैध शराब का धंधा बिना किसी रुकावट के फलता-फूलता रहे।
दौड़ाकर पकड़ा: आबकारी टीम को देखते ही भागने लगी थी आरोपी
आबकारी विभाग को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि रजकम्मा में फिर से अवैध महुआ शराब की खेप खपाई जा रही है। उपनिरीक्षक दीपमाला लक्षवानी के नेतृत्व में आबकारी आरक्षक अभिषेक चौहान व विभागीय स्टाफ ने जब रजकम्मा में दबिश दी, तो कार्रवाई से घबराकर आरोपी सैजल उर्फ पिंकी ध्रुव (पति हिमालय ध्रुव, उम्र 22 वर्ष) ने मौके से भागने की कोशिश की। लेकिन सतर्क आबकारी टीम ने पीछा कर उसे दौड़ाकर दबोच लिया।
जांच करने पर महिला के पास से 7.2 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी जब टीम ने वहां दबिश दी थी, तब यह महिला चकमा देकर फरार होने में कामयाब रही थी, लेकिन इस बार कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकी।
क्या लाइन हाजिर हुए पुलिसकर्मियों को मिलेगा न्याय?
आबकारी विभाग द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि जो पुलिसकर्मी शराब तस्करों के षड्यंत्र का शिकार होकर लाइन हाजिर हुए थे, क्या उस पुरानी शिकायत की निष्पक्ष समीक्षा होगी?
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि अवैध शराब बेचने वाले अक्सर कानून के शिकंजे से बचने के लिए पुलिस पर अनर्गल आरोप लगाकर दबाव बनाने की चाल चलते हैं। रजकम्मा की इस घटना ने साफ कर दिया है कि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और जांच को भटकाने की साजिश थे।
फिलहाल, आबकारी टीम की इस त्वरित व कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं खाकी पर बेवजह कीचड़ उछालने वालों को कानून ने सख्त संदेश दे दिया है।



