
जहरीली गैस, बदबू और बीमारी के खतरे का आरोप—निगम से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, रहवासियों ने एस.आर.एल.एम. सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की उठाई मांग
कोरबा। शहर के वार्ड क्रमांक 22 पोड़ीबहार स्थित एस.आर.एल.एम. सेंटर को लेकर रहवासियों की शिकायत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासियों द्वारा करीब छह महीने पहले 17 अप्रैल 2026 को कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को लिखित शिकायत देकर शहर की गंदगी/गीले कचरे से खाद बनाने का काम तत्काल बंद कर इसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। शिकायत में गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
शिकायत में जहरीली गैस और बदबू से परेशानी का आरोप
रहवासियों का कहना है कि पोड़ीबहार एस.आर.एल.एम. सेंटर में शहर से एकत्रित गीले कचरे से वर्मी कम्पोस्ट/खाद तैयार करने के दौरान जहरीली गैस और दुर्गंध फैलने की समस्या सामने आ रही है। शिकायत के मुताबिक आसपास के क्षेत्र में बदबू फैलने से लोगों को खाने-पीने और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा जनसामान्य के स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि सेंटर के सामने नगर निगम द्वारा स्वच्छ आजीविका जोन बनाया गया है, लेकिन वहां भी हवा प्रदूषित होने की शिकायत है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय दुर्गंध का प्रभाव अधिक होने तथा गर्मी में कूलर-पंखे चलाना तक मुश्किल होने का दावा शिकायत में किया गया है।
गायों के बीमार होने और पशुओं की मौत का भी दावा
रहवासियों की शिकायत में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि आसपास के मवेशी गीला कचरा खाने से बीमार हो रहे हैं और कुछ पशुओं की मौत तक होने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
छह महीने पहले शिकायत… फिर भी कार्रवाई कहां?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 17 अप्रैल 2026 को शिकायत कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त के समक्ष रखी गई थी, तो अब अक्टूबर 2026 तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई?
क्या नगर निगम ने मौके का निरीक्षण कराया?
क्या प्रदूषण और दुर्गंध की जांच कराई गई?
क्या सेंटर में कचरा प्रसंस्करण की व्यवस्था मानकों के अनुरूप है?
क्या आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहे कथित प्रभाव की जांच हुई?
और अगर शिकायत सही पाई गई, तो अब तक व्यवस्था में बदलाव क्यों नहीं किया गया?
इन सवालों के जवाब अब नगर निगम प्रशासन से मांगे जा रहे हैं।
रहवासियों की मांग—रिहायशी इलाके से हटाया जाए सेंटर
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट मांग रखी है कि पोड़ीबहार एस.आर.एल.एम. सेंटर में शहर के गीले कचरे से खाद बनाने का कार्य तत्काल बंद कर इसे किसी अन्य स्थान पर स्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाए, ताकि रहवासियों के स्वास्थ्य और आसपास के पर्यावरण को लेकर पैदा हो रही कथित समस्याओं से राहत मिल सके।
अब कार्रवाई की बारी किसकी?
छह महीने पहले दी गई लिखित शिकायत के बावजूद यदि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, तो मामला सिर्फ बदबू और कचरे तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल भी बन जाता है।
रहवासियों की शिकायत पर जांच हुई या नहीं? जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया या नहीं? और अगर शिकायत में लगाए गए आरोपों में तथ्य हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों?
अब निगाहें कलेक्टर और नगर निगम प्रशासन पर हैं कि छह महीने पुरानी शिकायत पर कब तक ठोस कदम उठाया जाता है।





