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गांव-गांव जनचौपाल, छत्तीसगढ़ी में साइबर पाठ… सक्ती पुलिस की मुहिम ने दिलाया प्रदेश में 9वां स्थान…

डिजिटल ठगी के खिलाफ सक्ती पुलिस की जन-जागरूकता मुहिम रंग लाई, गांव-गांव जनचौपाल से स्कूल-कॉलेज तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

सक्ती छत्तीसगढ़ // साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में जिला सक्ती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई है। वहीं नवगठित जिलों की श्रेणी में सक्ती ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले में चलाए गए व्यापक साइबर जागरूकता अभियान और पुलिस की सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चले इस राज्य स्तरीय अभियान का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों के प्रति जागरूक करना था। अभियान के दौरान सक्ती पुलिस ने थाना स्तर से लेकर गांव, स्कूल, कॉलेज, बाजार, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर आम लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

🛡️ गांव-गांव पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में जिले में साइबर जागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक द्वारा जिन-जिन गांवों में जन चौपाल लगाई गई, वहां लोगों को उनकी अपनी छत्तीसगढ़ी बोली में साइबर अपराध से बचाव का संदेश दिया गया।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा से जुड़े जटिल विषयों को सहज और स्थानीय भाषा में समझाने में मदद मिली। पुलिस ने ग्रामीणों से लेकर विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक को डिजिटल ठगी के नए-नए तरीकों के प्रति सचेत किया।

📱 डिजिटल अरेस्ट से फर्जी लिंक तक… पुलिस ने खोला साइबर ठगी का पूरा खेल

अभियान के दौरान लोगों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, CBI या ED अधिकारी बनकर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली कनेक्शन काटने, ऑनलाइन निवेश, नौकरी, लोन, लॉटरी और इनाम के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी गई।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध APK या मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग अथवा रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल नहीं करने की समझाइश दी गई।

पुलिस ने यह भी बताया कि पुलिस, CBI, ED या न्यायालय के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे मांगने वालों से बेहद सावधान रहें।

🚨 ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

सक्ती पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करने की सलाह दी।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाना को तत्काल सूचना देने की अपील की गई, ताकि ठगी की रकम को होल्ड कराने के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।

🤳 सेल्फी स्टैंड बना साइबर जागरूकता का नया माध्यम

साइबर जागृति अभियान के दौरान सक्ती पुलिस ने जागरूकता बढ़ाने के लिए सेल्फी स्टैंड का भी प्रभावी इस्तेमाल किया। विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा के संदेश को आगे बढ़ाया।

मोबाइल के माध्यम से सेल्फी लेने के लिए लिंक भी साझा किया गया, जिससे लोगों को अपने साथ-साथ परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

यानी अभियान का संदेश सिर्फ “पुलिस से जनता तक” सीमित नहीं रहा, बल्कि “एक व्यक्ति जागरूक हो और कई लोगों को जागरूक करे” की सोच के साथ जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

“रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें”

जिला पुलिस सक्ती ने नागरिकों से अपील की कि डिजिटल दौर में थोड़ी सी सावधानी बड़ी साइबर ठगी से बचा सकती है। अनजान कॉल, मैसेज, लिंक, QR कोड, मोबाइल एप या ऑनलाइन ऑफर पर बिना जांचे भरोसा न करें।

पुलिस ने लोगों से “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें” की आदत अपनाने की अपील की है।

टीमवर्क से मिली बड़ी उपलब्धि

राज्य स्तरीय अभियान में सक्ती का 9वां स्थान और नवगठित जिलों में प्रथम स्थान हासिल करना जिला पुलिस की टीमवर्क और व्यापक जन-जागरूकता अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा SDOP सक्ती भुवनेश्वरी पैंकरा, SDOP डभरा सुमित गुप्ता, DSP मुख्यालय एवं जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों की सक्रिय भूमिका से अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया गया।

सक्ती पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

SP प्रफुल्ल कुमार ठाकुर/सक्ती

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