
भिलाई / कोरबा:
छत्तीसगढ़ प्रदेश में तेलुगु समाज की संगठनात्मक मजबूती, एकजुटता और सामाजिक कल्याण के उद्देश्यों को लेकर ‘छत्तीसगढ़ तेलुगु महासंघ’ की एक बेहद महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी बैठक भिलाई स्थित होटल फ्लोराइट के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से आए तेलुगु समाज के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

नए सदस्यों का स्वागत और संगठन विस्तार पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न जिलों से पहुंचे नए सदस्यों के स्वागत के साथ हुआ, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष श्री आर. मुरली ने सम्मानित कर समाज सेवा के इस मंच से जोड़ा। बैठक में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं और प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग रखी कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में महासंघ का जल्द से जल्द विस्तार किया जाए। इसके लिए जिला कमेटियों के गठन के साथ-साथ महिला विभाग और युवा प्रकोष्ठ को भी सक्रिय रूप से मैदान में उतारने पर विशेष बल दिया गया।
कोरबा तेलुगु समिति की दमदार मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में ‘तेलुगु समिति, कोरबा’ का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष पी. आदि नारायण के नेतृत्व में शामिल हुआ। इस प्रतिनिधिमंडल में महासचिव एम. चिन्ना, उप महासचिव तारकेश्वर राव और सचिव जीवन राव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कोरबा समिति के पदाधिकारियों ने जिले में चल रहे विकास और सामाजिक सेवा कार्यों की प्रगति रिपोर्ट साझा की और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर प्रदेश पदाधिकारियों से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सामाजिक एकजुटता और विकास पर संवाद
बैठक के दौरान वक्ताओं ने समाज के बीच आपसी समन्वय और एकजुटता की जरूरत को रेखांकित किया। प्रतिनिधियों का कहना था कि भले ही सामाजिक पृष्ठभूमि में भिन्नता हो सकती है, लेकिन जब बात तेलुगु समाज के हित और सम्मान की आए, तो सभी को मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए।
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि समाज के आपसी तालमेल से सरकार और प्रशासन के समक्ष सामाजिक समस्याओं को मजबूती से रखा जाएगा। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक विकास और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामूहिक अभियानों को तेज गति दी जाएगी।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन श्री बी. तुलसी राव द्वारा किया गया। सम्मेलन में कन्वीनर रूद्रमूर्ति, सलाहकार एम. बाबू राव, संरक्षक श्री वी. रामा राव, उपाध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी, बी. वेणुगोपाल राव, उप महासचिव श्री गणेश, डी. डी. किरण, सी. एच. भीमराव, मनोरथ बाबू, बी. वी. एस. राजकुमार, डॉ. डी. श्याम कुमार और यू. मुरली राव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



