
मदनपुर घाट में ट्रेलरों की टक्कर से थमा नेशनल हाईवे, एंबुलेंस से लेकर बसों तक फंसे यात्री; NHAI के अधिकारियों पर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप, धारा 222(ए) BNS के तहत न्यायालय पहुंचा मामला
कोरबा छत्तीसगढ़ // नेशनल हाईवे-130 पर मदनपुर घाट में ट्रेलर दुर्घटना के बाद घंटों तक आवागमन बाधित रहने और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मामले में अब NHAI के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। पुलिस के अनुसार, जाम की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद समय पर प्रभावी सहयोग नहीं मिला। इसे लेकर NHAI के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 222(ए) के तहत कटघोरा न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है।
दो ट्रेलरों की दुर्घटना से थमा NH-130 का यातायात
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 की रात करीब 2:30 बजे थाना बांगो एवं चौकी मोरगा क्षेत्र के मदनपुर घाट में नेशनल हाईवे-130 पर एक ट्रेलर क्रमांक CG10BS5980 खराब होने के कारण सड़क पर खड़ा था। यह ट्रेलर तारा घाटी से कटघोरा की ओर आ रहा था।
इसी दौरान अंबिकापुर की ओर जा रहे दूसरे ट्रेलर क्रमांक CG10BS9436 के चालक पर आरोप है कि उसने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क पर पहले से खड़े ट्रेलर को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
🚑 जाम में फंसी बसें, मरीज और समय पर पहुंचने वाले यात्री
हाईवे पर आवागमन बाधित होने से बसों में सफर कर रहे यात्रियों के साथ-साथ एंबुलेंस से उपचार के लिए जा रहे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए निकले यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई। महिलाओं, बच्चों और अन्य राहगीरों को भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
ऐसे में सवाल केवल यातायात बहाल करने का नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में फंसे लोगों को समय पर राहत दिलाने का भी था।
👮 पुलिस मौके पर डटी रही, NHAI से सहयोग नहीं मिलने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलते ही थाना बांगो और चौकी मोरगा का बल मौके पर पहुंचा। हाईवे पेट्रोलिंग एवं डायल-112 की टीम के साथ मिलकर जाम हटाने और यातायात बहाल करने का प्रयास किया गया। इसके लिए NHAI के अधिकारियों को भी फोन के माध्यम से सूचना देकर सहयोग मांगा गया।
हालांकि, पुलिस का आरोप है कि सूचना के बावजूद NHAI की ओर से तत्काल प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं मिली और समस्या के निराकरण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसके चलते जाम में फंसे यात्रियों की परेशानी लंबे समय तक बनी रही।
⚖️ NHAI के विरुद्ध कटघोरा न्यायालय में परिवाद
पुलिस ने इस मामले को लोक सेवक के कर्तव्य निर्वहन में सहायता नहीं करने और कथित लापरवाही से जुड़ा मानते हुए NHAI के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 222(ए) के तहत माननीय न्यायालय कटघोरा में परिवाद दायर किया है।
पुलिस का कहना है कि दुर्घटना या सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों में संबंधित एजेंसियों से समय पर सहयोग मिलना आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों, मरीजों और अन्य यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
अन्य एजेंसियों को भी कार्रवाई का संदेश
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई अन्य संबंधित एजेंसी या लोक सेवक अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सहयोग नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



